FLN सह नवाजतन वॉरियर्स – शिक्षक सम्मान 2026: नवाचारी शिक्षकों को मिलेगा राज्यस्तरीय मंच, 5 अप्रैल को दुर्ग में भव्य आयोजन

FLN सह नवाजतन वॉरियर्स – शिक्षक सम्मान 2026: नवाचारी शिक्षकों को मिलेगा राज्यस्तरीय मंच, 5 अप्रैल को दुर्ग में भव्य आयोजन

दुर्ग, छत्तीसगढ़:
शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “FLN सह नवाजतन वॉरियर्स – शिक्षक सम्मान 2026” का भव्य आयोजन 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को खालसा पब्लिक स्कूल, दुर्ग में किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे होगा। यह आयोजन “FLN सह नवाजतन रिसोर्स शिक्षक परिवार, छत्तीसगढ़” द्वारा किया जा रहा है, जो राज्य में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करने के लिए सतत प्रयासरत है।


इस विशेष समारोह का मुख्य उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मानित करना है जिन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों को अपनाते हुए विद्यार्थियों को FLN (Foundational Literacy and Numeracy) में दक्ष बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम के माध्यम से न केवल उत्कृष्ट शिक्षकों के कार्यों को पहचान दी जाएगी, बल्कि अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे आधुनिक और प्रभावी शिक्षण विधियों को अपनाकर शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएं।



कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री माननीय श्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनके मार्गदर्शन और संबोधन से कार्यक्रम को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ और अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिनमें SCERT रायपुर के संयुक्त संचालक श्री के. कुमार, पूर्व अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे, लोक शिक्षण संचालनालय के उपसंचालक श्री आशुतोष वाघरे, शिक्षा संभाग दुर्ग के संयुक्त संचालक श्री आर.एल. ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग श्री अरविंद मिश्रा, DIET दुर्ग के प्राचार्य श्री पी. टी. मरकाम, हेमचंद विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री भूपेंद्र कुंडलिप, DWPS स्कूल चरौदा के संचालक श्री गुरुबख्श सिंह छाबड़ा, वक्ता श्री गुरमीत सिंह तथा ‘स्टेप अप फॉर इंडिया’ से सुश्री शैला रेड्डी शामिल हैं।

आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम 21वीं सदी के शिक्षण कौशल, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के अनुभव साझा किए जाएंगे, नवाचारों की प्रदर्शनी होगी तथा शिक्षा में सुधार के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श भी किया जाएगा।

इस आयोजन से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के निर्माण में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और उनके प्रयासों को सम्मानित करना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षाविद्, अभिभावक और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहेंगे।

आयोजकों ने सभी आमंत्रित अतिथियों और शिक्षकों से आग्रह किया है कि वे इस कार्यक्रम में शामिल होकर शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाएं और राज्य में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।

रिपचंद साहू ( जिला कोरिया )

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